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स्वागत: शिक्षा के लिए 35 डालर का टैबलेट

You can also read this letter in English, Spanish, French, and German. मंत्री महोदय श्री कपिल सिब्बल के 35 डालर के 'टैबलेट' के प्रोग्राम का ओ एल पी सी (OLPC) अनुमोदन करता है . गरीबी को दूर करने, पर्यावरण को बचाने और विश्व शांति को स्थापित करने में शिक्षा एक प्राथमिक समाधान है. लैपटॉप या 'टैबलेट' के इन्टरनेट  के ज़रिये जुड़े रहने से हम व्यापक ज्ञान को शीघ्र प्राप्त कर लेते हैं. हम आपसे पूर्णतः सहमत हैं. अतः हमारा सुझाव है कि आप हमारी तकनीक व अनुभवों को निःशुल्क रूप से भारत में उपलब्ध कराएँ.  ओ एल पी सी (OLPC) की ओर से इस खुले पत्र को एक शपथ के रूप में विचार करें.  हमने 40 देशों में, 25 भाषाओं के साथ, 2 मिलियन लैपटॉप उपलब्ध कराये हैं. एक मानवतावादी एवं परोपकारी संस्था होने के नाते हमारी किसी से कोई प्रतियोगिता नहीं है. हम सहयोग देते हैं और आप को भी ऐसा करने का निमंत्रण देते हैं. इस बीच मैं निम्नलिखित छह सुझावों को आपके सामने रखता हूँ: 1) छह से बारह वर्ष के बच्चों पर ध्यान केन्द्रित हो. वे आपके देश के अति मूल्यवान प्राकृतिक संसाधन हैं. प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए 'टैबलेट' केवल संगणना करने या पढने के लिए ही नहीं है, बल्कि यह एक आशा है. यह सीखने के प्रति लगाव पैदा करता है. 2) आप के 'टैबलेट' में रट-रटा कर सीखने की परम्परा को समाप्त करने की क्षमता होनी चाहिए. एक रचनात्मक समाज का गठन तथ्यों को कंठस्थ करने के आधार पर नहीं होता है, बल्कि स्वयं सीखने पर होता है. औद्योगिक युग की क्रियाविधि अभ्यास थी, जिसमें पुनरावृत्ति और एकरूपता प्रणालीगत थी. परन्तु अंकीय युग (digital age) व्यक्तिकरण, सहभागिता, व समायोजन का है. ओ एल पी सी (OLPC) का सीखने का दृष्टिकोण कंस्ट्रक्शनिसम (constructionism) कहलाता है. हमें आशा है कि आप भी इसे अपनाएंगे. 3) वास्तव में 'टैबलेट' बच्चों के लिए एक भविष्य है. ओ एल पी सी (OLPC) ने स्वयं आठ माह पूर्व इसे घोषित किया था. फिर भी 'टैबलेट' का एक पहलू यह है कि सीखना केवल एकतरफ़ा नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चे कुछ रचनात्मक कर सकें. अतः इसके प्रति सतर्कता की आवश्यकता है. जहां तक 'टैबलेट' बनाने की बात है, iPad एक तरफ़ा ग्रहण करने का उपकरण है. ओ एल पी सी (OLPC) आप से निवेदन करता है कि आप ऐसी गलती न करें. 4) हार्डवेअर अधिक सरल है. परन्तु यह स्पष्ट नहीं है कि 'टैबलेट' मज़बूत होने चाहिए, धूप में पढ़े जा सकें और कम बिजली में चल सकें. हमारे लैपटॉप सौर ऊर्जा से चलते हैं क्योंकि वे दुनिया के सबसे कम बिजली पर चलने वाले लैपटॉप हैं. परन्तु हम इसे भी अनदेखा नहीं कर सकते हैं कि रात को या जब बारिश हो तो इसे कैसे चार्ज किया जा सके. हमारे लैपटॉप में हाँथ से चला कर चार्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है. मज़बूत का अर्थ है कि लैपटॉप जल प्रतिरोधी हो और दस फुट की ऊचाई से गिरने पर न टूटे. 5) सॉफ्टवेअर अपेक्षाकृत कठिन है. लिनक्स का प्रयोग तो ठीक है, परन्तु इसे आप किसी सीमित उद्देश्य के लिए न बनायें. यह एक सामान्य उद्देश्य का कंप्यूटर होना चाहिए, जिस पर सारी दुनिया सॉफ्टवेर बना सके, अविष्कार कर सके और प्रोग्रामिंग (programming) कर सके. सभी जानते हैं कि जब बच्चे प्रोग्रामिंग करते हैं, वे नयी सोच की ओर जाते हैं और जब डीबग (debug) करते हैं तो नई सीख की ओर जाते हैं. यह एक मूल मंत्र है. 6) मेरी सभी अप्रार्थित सलाहों में सबसे महत्त्वपूर्ण सलाह है - "अच्छी औद्योगिक डिजाइन" - जिसे लोग शायद अनदेखा करें. आप एक सस्ता 'टैबलेट' बनायें, परन्तु घटिया नहीं. इसे पसंदीदा बनायें, प्यारा बनायें, जिसे ख़ुशी से लोग अपनाएँ. इस काम के लिए एपल (Apple) से उदाहरण ले सकते हैं और ओ एल पी सी (OLPC) से भी. इस कार्य के लिए आप भारत के उत्तम डिजाईन टीम को लगाएं. दुनिया को आपके उपकरण और नेतृत्व की आवश्यकता है. अतः आप इसे केवल भारत जैसे विशाल देश में सीमित कर के संतुष्ट न होवें. आप का 'टैबलेट' ओ एल पी सी एक्स ओ (OLPC XO) लैपटॉप का उत्तर या प्रतियोगी नहीं है. यह एक ऐसे परिवार का सदस्य है जो शिक्षा के द्वारा दुनिया में शांति और सम्पन्नता के प्रति समर्पित है. मैं अपने प्रस्ताव को पुनः दोहराता हूँ: आप हमारी सभी तकनीकियों को निः शुल्क प्राप्त कर सकते हैं. मैं आप से निवेदन करता हूँ कि आप एम् आइ टी (MIT) और ओ एल पी सी (OLPC) में अपनी टीम को अपनी सुविधानुसार शीघ्र भेजें, जिससे हम अपने परिणामों को आप के साथ बाँट सकें. निकोलस नेग्रोपोंटे संस्थापक एवं अध्यक्ष ओ एल पी सी फाउंडेशन (Founder and Chairman, OLPC Foundation) कैम्ब्रिज, मैसाचुसेट्स यु एस ए (USA)

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OLPC welcomes Education transformation in India « OLPC South (not verified) says: [...] provided suggestions for enabling universal learning through collaboration. You can read it also in Hindi, Spanish, French, and [...] August 15, 2010 at 4 am